गार्गी प्रकाशन
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आइन्स्टीन के सामाजिक सरोकार
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२०वीं सदी के महानतम वैज्ञानिक आइन्सटीन की स्मृति में गार्गी पुस्तिका श्रृंखला के तहत हम यहां दो लेखों का प्रकाशन कर रहे हैं जो ‘मंथली रिव्यू’ पत्रिका से आभार सहित उधृत है। पहला लेख आइन्सटीन के जीवन के सामाजिक-राजनीतिक सरोकारों से सम्बन्धित है। अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए विश्व-विख्यात और सर्वज्ञात होने के बावजूद आज की पीढी़ के अधिकांश लोगों को आइन्सटीन के सामाजिक-राजनीतिक जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी है।
दूसरा लेख समाजवाद ही क्यों? खुद आइन्सटीन की रचना है जिसमें उन्होंने पूंजीवाद के विकल्प के रूप में न्याय और समानता पर आधरित समाजवादी व्यवस्था का पुरजोर समर्थन किया है।
सन २००5 , डिमाई / ८,
पृष्ठः २२ मूल्यः रु 5
