गार्गी प्रकाशन
प्रगतिशील और जनपक्षधर साहित्य के प्रकाशक व वितरक
Categories
Links
Recent Articles
- कोई फूल धूप की पत्तियों में
- रामप्रसाद बिस्मिल
- देश के हालात सुधरने की क्या उम्मीद
- अँधेरे चंद लोगों का अगर मक़सद नहीं होते
- सबसे ख़तरनाक
- मैं सहराओं में इतने अश्क ज़ाया करके आई हूँ
- इस व्यवस्था को हवा का एक झोंका चाहिए
- यहाँ दंगा सियासतदान की मर्ज़ी से होता है।
- प्यार को बुत क्यों बनाया?
- भगत सिंह की पसंदीदा शायरी
-
मुक्ति मार्ग
No Comments
यह अमरीकी इतिहास में हुए एक महान प्रयोग की सच्ची कहानी है जिसमें ”काले और गोरे लोग साथ-साथ रहते थे, साथ मिलकर काम करते थे और उनका निर्माण भी एकजुट संघर्ष का ही परिणाम था। और एक जगह नहीं बल्कि अनेक स्थानों पर उन्होंने अपने निर्माण की रक्षा के लिए साथ मिलकर जानें दी थीं।”
१९९७, आकार : डिमाई/८,
पृष्ठ : ३२०, मूल्यः रु. ७०.००
प्रकाशित किताबें
