गार्गी प्रकाशन
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इतिहास और आर्थिक सिद्धांत के अन्तरसम्बन्ध की व्याख्या पर लिओ ह्यूबरमन की प्रसिद्ध( पुस्तक ‘मैन्स वर्ल्डली गुड्स’ का हिन्दी अनुवाद, इस विषय पर हिन्दी में उपलब्ध ग्रन्थों में सर्वश्रेष्ठ है। यह इतिहास की आर्थिक सिद्धांत और आर्थिक सिद्धांत की इतिहास के माध्यम से व्याख्या का एक प्रयास है। यह परस्पर सम्बन्ध महत्वपूर्ण और आवश्यक है। इतिहास का अध्ययन अधूरा है यदि उसके आर्थिक पहलुओं की ओर बहुत कम ध्यान दिया जाए और आर्थिक सिद्धांत नीरस लगते हैं, जब उन्हें उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अलग कर दिया जाता है। राजनीतिक अर्थशास्त्र राजनीतिक ही रहेगा, जब तक कि इसका अध्ययन-अध्यापन ऐतिहासिक शून्यता में किया जाएगा। रिकार्डो का भूमि-शुल्क सिद्धांत अपने आपमें कठिन और नीरस है। लेकिन इसे इसके ऐतिहासिक प्रसंग में रखकर देखिये, इसे उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध के इंग्लैण्ड के भू-स्वामियों और उद्योगपतियों के बीच संघर्ष के रूप में देखिये और यह कितना उत्तेजक और अर्थपूर्ण हो जाता है।”
-मूल अंग्रेजी ग्रन्थ की प्रस्तावना से
१९९६, पु.मु. २००४, आकारः डिमाई/८
पृष्ठः ३८४ मूल्यः रु. ७५.००प्रकाशित किताबें
