गार्गी प्रकाशन
प्रगतिशील और जनपक्षधर साहित्य के प्रकाशक व वितरक
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मकड़ा और मक्खी
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मजदूरों को सरल व सुबोध ढंग से वर्ग संघर्ष समझाने के लिए जर्मन मजदूर नेता लिब्क्नेख्त द्वारा लिखे गये लेख का हिंदी अनुवाद है
मूल्य : २ रूपये
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