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  • जैक लंडन

    अमेरिकी लेखक जैक लंडन का जन्म सैनफ्रांसिस्को (कैलीफोर्निया) की मार्केट स्ट्रीट में १२ जनवरी, १८७६ को हुआ था। जन्म के समय उनका नाम जॉन ग्रिफिथ चेनी था। ऐसा मना जाता है कि वह यायावर ज्योतिषी और पत्रकार विलियम चेनी की जारज़ संतान थे, जिन्होनें उनकी मां फ्लोरा, जो एक आध्यात्मवादी महिला थीं, से उनके जन्म से पूर्व ही संबध विच्छेद कर लिए थे।

    शिक्षा

    उन्हें सुव्यवस्थित शिक्षा न के बराबर प्राप्त हुई। प्रारंभ में, वह आठवीं स्तर तक ही विद्यालय जा पाये थे, हालांकि उन्हें पढ़ने की उत्कट लालसा थी। अपनी उस लालसा की पूर्ति उन्होनें पब्लिक पुस्तकालयों में, विशेषरूप से ‘ऑकलैण्ड पब्लिक पुस्तकालय’ में जाकर किया और बाद में कैलीफोर्निया के पहले राजकवि के रूप में प्रसिद्ध हुए। अंतिम दशक के मध्य में (१८९० के बाद) जैक ने ऑकलैण्ड के हाईस्कूल में प्रवेश लिया और स्नातक बने।

    जीविका

     जैक ने जीवन के अनेक क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त किया था। उन्होनें मजदूर, फैक्ट्री श्रमिक, सैनफ्रंसिस्को समुद्र खाड़ी में शुक्ति (सीप) दस्युता, कैलीफोर्निया के मत्स्य गश्तीदल के सदस्य, नाविक, रेलमार्ग मजदूर, क्लोण्डाइक (कनाडा १८९७-९८) में सोने की खोज आदि काम किया। किशोरावस्था में कॉक्सी आर्मी के प्रसिद्ध वाशिगंटन डी.सी. प्रयाण के समय उसमें शामिल हुए और बाद में इरी काउण्टी, न्यूयार्क में आवारागर्दी करते हुए गिरफ्तार हुए । एक पत्रकार के रूप में जैक ने १९०४ में रूस-जापान युद्ध का हर्स्ट समाचार पत्र के लिए रिपोर्टिंग की थी और १९१४ में उन्होनें मैक्सिकन क्रान्ति को कॉलियर के लिए ‘कवर’ किया था। देशाटन के दौरान वह समाजवाद से परिचित हुए जो वर्षों उनके कर्म और चिन्तन का विषय रहा। उनके भावपूर्ण समाजवादी नुक्कड़ भाषणों के कारण उन्हें ऑकलैण्ड का ‘समाजवादी पुत्र’ कहा जाता था। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में अनेक बार वह मेयर का चुनाव लड़े और असफल रहे थे।

    विवाह

    जैक और चर्मियन लन्दन
    १९०० में जैक ने अपनी गणित की शिक्षिका और मित्र बेस मैडर्न से विवाह किया । यह ठेठ विक्टोरियन शादी थी जो प्रेमाधारित नहीं बल्कि अच्छे शिष्टाचार पर आधारित था। बेस से उन्हें दो बेटियां – जोन और बेस (बेकी) थीं। १९०३ में बेस से संबन्ध विच्छेद के बाद उन्होनें अपनी सेक्रेटरी चर्मियन किट्रेज से विवाह किया जिससे उन्हें वास्तविक प्रेम प्राप्त हुआ। वे साथ-साथ खेलते, यात्राएं करते, लिखते और जीवन का आनंद लेते। चर्मियन से उन्हें एक पुत्र हुआ, जो केवल अड़तीस घण्ट ही जीवित रहा था। १९०७ में चर्मियन के साथ जैक ने स्नार्क में प्रशांत महासागर से द्क्षिणी समुदों की यात्रएं की जो उनके उपन्यास ‘क्रूज आफ द स्नार्क’ का आधार बना। चर्मियन के सहयोग से उन्होनें कैलीफोर्निया के ग्लेन ब्लेन में १४०० एकड़ जमीन में खूबसूरत फारम विकसित किया। जैक की मृत्यु के समय वह अनेक शारीरिक व्याधियों से ग्रस्त थे, जिसमें पेट की गड़बड़ और किडनियों का काम करना बंद कर देना शामिल थे। उनके मृत्यु प्रमाण पत्र में उनकी मृत्यु का कारण ‘यूरेमिक विषाक्तता’ (प्वायजनिगं) लिखा गया था ।

    कार्य
    जैक लंडन अपने समय बहुचर्चित व्यक्ति थे। अपने भाषणों में वह समाजवाद और महिलाओं के मताधिकार की बात अवश्य करते थे। वे उन प्रारंभिक ‘सेलेब्रिटीज’ में से एक थे जिन्होनें व्यावसायिक उत्पादों, जैसे अंगूर जूस और पुरुषों के सूटिंग्स आदि के विज्ञापनों के लिए अनुबन्ध किए थे।

    युवा जैक लंडन की विशिष्ट तेजस्विता, आशावादी उत्फुल्ल व्यक्तित्व और अनेक जीवनानुभव संभवतः संयुक्त रूप से सेवा और उत्तर जीवन के श्रमिक दर्शन में परिवर्तित हुए थे। वह अपने सद्गुणों और सिद्धान्तों के कारण अपने पाठकों के लिए आदर्श बन गए थे और देश के पहले श्रमिक लेखक के रूप में पहचान बनाई थी।

    एक बार एक लेखक के रूप में सफलता प्राप्त करने का दृढ़ निश्चय करने के बाद, अपनी अध्यवसायी प्रकृति और अंतर्निष्ठ कौशल के बल पर जैक संदर्भ और अंतर्वस्तु दोनों में अपने समकालीन साहित्यकार मित्रों में अग्रणी थे। वह बहु आयामी सर्जक थे… अनेक विधाओं में उन्होनें कार्य किया। उनका सृजित बहुत-सा कार्य उनके मर्णोंपरान्त प्रकाशित हुआ था। उनकी बहुचर्चित पुस्तकों में – ‘कॉल आफ दि वाइल्ड’ (मूल शीर्षक स्लीपिगं वुल्फ १९०३ में प्रकाशित), दि आयरन हील, ह्वाइट फैंग, दि सी वुल्फ (जिसका मूल शीर्षक था – मर्सी आफ दि सी), दि पीपल आफ दि अबिस (लंदन की मलिन बस्तियों पर समातवैग्यानिक शोध प्रबन्ध पुस्तक), जॉन बर्लेकार्न, मार्टिन ईडेन, और ‘दि स्टर रोवर’। उनकी खानी ‘टु बिल्ड अ फायर’ को युगान्तरकारी रचना माना गया है। उनका साहित्य दर्जनों भाषाओं में अनूदित हुआ और आज पूरे विश्व मेम समादर के साथ पढ़ा जता है। इस अमेरिकी साहित्यिक प्रतिभा ने जीवन और समय के साथ कभी न समाप्त होने वाले आम आदमी के संघर्ष और प्रकृति का अत्यंत कलात्मक कौशल के साथ चित्रण किया। उनकी साहसिक कहानियों को पढ़कर लाखों की संख्या में उत्सुक पाठक रोमांचित हो उठते हैं। लेखक और सामाजिक आन्दोलनकारी उनके ह्रदयस्पर्शी गद्य को पढ़कर प्रेरित होते है। तथापि, उनके अनेक जीवनानुभव उनके कथा साहित्य से कहीं अधिक उत्तेजक हैं कहते हैं जैक लंडन से अधिक जलयात्राओं को प्रेम करने वाला व्यक्ति शायद ही कोई अन्य हो, विशेषरूप से कोई कलाकार। जब वह बच्चे थे और अपने सौतेले पिता के साथ मछ्लियां पकड़ रहे होते तब वह उष्ण कटिबन्धी द्वीपों और दूर-दराज के स्थानों के स्वप्न देखा करते थे। जैसे ही वह बड़े हुए, अपने छोटे-मोटे कामों से संग्रहीत पैसों से वह प्रायः नाव किराए पर लेने लगे थे। जब जैक पन्द्रह वर्ष के थे, उन्होंने अपनी ऑण्ट जेनी प्रेण्टिस की आर्थिक सहायता से ‘रेज़ल-डैज़ल’ नामक जहाज खरीदा और गैर कानूनी रूप से समुद्र में सीपी लूटना प्रारंभ कर दिया। वह ‘शुक्ति(सीप) दस्युता के राजकुंवर’ के रूप में जाने जाते, इससे पहले ही एक सप्ताह में उन्होनें इतना धन कमा लिया था जितना एक लेखक के रूप में एक वर्ष में भी वह न कमा पाते। यह अनुभव करके कि ‘शुक्ति दस्युओं’ का जीवन प्रायः जेल में व्यतीत होता है या वे मृत्यु का शिकार होते हैं, अपने को बदलते हुए वह ‘कैलीफोर्निया मत्स्य गश्तीदल के उप’ नियुक्त हुए। ऐसे ही अनुभव उनके कहानी संग्रह ”जीवन से प्यार का आधार बना।

    जब उन्हें अपने सौतेले पिता जॉन लंडन की मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ। बाइस वर्ष की आयु में मां और सौतेले भाई के भरण-पोषण का भार उन पर आ पड़ा था। यद्यपि उन्होनें हर प्रकार की नौकरी की तथापि उन्हें कोई स्थायी काम नहीं मिला। अंततः उन्होंने अपना अधिकांश सामान बेच दिया और पूरी तरह लेखन में डूब गए थे। दिसम्बर, १८९८ के प्रारंभ में उन्होनें अपनी पहली कहानी, अलास्का की एक लोककथा – ‘टु दि मैन आन ट्रायल’ (To the Man on Trail ) को बेचा। इस प्रकार उनका लेखकीय जीवन प्रारंभ हुआ था।

    क्रांतिकारियों के लिए “आयरन हील” खासतौर से पढ़ने और उस पर अमल करने वाला उपन्यास है। इस उपन्यास में उन्होंने फासिज्म को बहुत पहले भ्रूण में पहचान लिया था।

    क्रांतिकारी बदलाव के लिए

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